आज का विचार

Filter By   Reset
 
DATE HINDI QUOTE
15-05-2017 धर्म का कार्य मनुष्य के हृदय को विशाल बनाना है। - आचार्य विनोबा भावे
14-05-2017 धन उत्तम कर्मों से उत्पन्न होता है, प्रगल्भता (साहस, योग्यता व दृढ़ निश्चय) से बढ़ता है, चतुराई से फलता फूलता है और संयम से सुरक्षित होता है। - विदुर
13-05-2017 द्वेष बुद्धि को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते, प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है। - आचार्य विनोबा भावे
12-05-2017 दो धर्मो का कभी झगड़ा नहीं होता, सब धर्मो का अधर्म से ही झगड़ा होता है। - आचार्य विनोबा भावे
11-05-2017 दूसरों पर किए गए व्यंग्य पर हम हँसते हैं पर अपने ऊपर किए गए व्यंग्य पर रोना तक भूल जाते हैं। - रामचंद्र शुक्ल
10-05-2017 दुख और वेदना के अथाह सागर वाले इस संसार में प्रेम की अत्यधिक आवश्यकता है। - डॉ. रामकुमार वर्मा
09-05-2017 डूबते को तारना ही अच्छे इंसान का कर्तव्य होता है। - अज्ञात
08-05-2017 डर रखने से हम अपनी ज़िंदगी को बढ़ा तो नहीं सकते। डर रखने से बस इतना होता है कि हम ईश्वर को भूल जाते हैं, इंसानियत को भूल जाते हैं। - आचार्य विनोबा भावे
07-05-2017 ज्ञानी जन विवेक से सीखते हैं, साधारण मनुष्य अनुभव से, अज्ञानी पुरुष आवश्यकता से और पशु स्वभाव से। - कौटिल्य
06-05-2017 जो सेवा भावी है, उसे सेवा खोजने या पूछने की जरूरत नहीं होती। जरूरत पहचान कर वह स्वयं को वहां प्रस्तुत कर देता है। - आचार्य विनोबा भावे
05-05-2017 जो पुरुषार्थ नहीं करते उन्हें धन, मित्र, ऐश्वर्य, सुख, स्वास्थ्य, शांति और संतोष प्राप्त नहीं होते। - वेदव्यास
04-05-2017 जो नेक काम करता है और नाम की इच्छा नहीं रखता, उसकी चित्त शुद्धि होती है और उसका काम सहज ही परमात्मा को अर्पित हो जाता है। - आचार्य विनोबा भावे
03-05-2017 जो काम घड़ों जल से नहीं होता उसे दवा के दो घूँट कर देते हैं और जो काम तलवार से नहीं होता वह काँटा कर देता है। - सुदर्शन
02-05-2017 जैसे सूर्योदय के होते ही अंधकार दूर हो जाता है वैसे ही मन की प्रसन्नता से सारी बाधाएँ शांत हो जाती हैं। - अमृतलाल नागर
01-05-2017 जैसे उल्लू को सूर्य नहीं दिखाई देता वैसे ही दुष्ट को सौजन्य दिखाई नहीं देता। - स्वामी भजनानंद
25-04-2017 जीवन में ज्यादा रिश्ते होना ज़रुरी नहीं है, पर जो रिश्ते है उनमें जीवन होना ज़रुरी हैं । - स्वामी विवेकानन्द
24-04-2017 जिसने ज्ञान को आचरण मे उतार लिया, उसने ईश्वर को ही मूर्तिमान कर लिया। - आचार्य विनोबा भावे
23-04-2017 जिसने अकेले रह कर अकेलेपन को जीता उसने सबकुछ जीता। - अज्ञात
22-04-2017 जिस मनुष्य में आत्मविश्वास नहीं है वह शक्तिमान हो कर भी कायर है और पंडित होकर भी मूर्ख है। - राम प्रताप त्रिपाठी
21-04-2017 जिस प्रकार थोड़ी-सी वायु से आग भड़क उठती है, उसी प्रकार थोड़ी-सी मेहनत से किस्मत चमक उठती है। - अज्ञात
20-04-2017 जिस तरह रंग सादगी को निखार देते हैं उसी तरह सादगी भी रंगों को निखार देती है। सहयोग सफलता का सर्वश्रेष्ठ उपाय है। - मुक्ता
19-04-2017 जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़िया को आश्रय देता है उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है। - रवींद्रनाथ ठाकुर
18-04-2017 जहां भगवान हैं और जहां भक्त हैं वहां सब कुछ है, लेकिन भगवान को तो हमने देखा नहीं, भक्त को हम देख सकते हैं, इसलिए हमारी निगाह में भक्त की महिमा बढ़ जाती है। - आचार्य विनोबा भावे
17-04-2017 जबतक भारत का राजकाज अपनी भाषा में नहीं चलेगा तबतक हम यह नहीं कह सकते कि देश में स्वराज है। - मोरारजी देसाई
16-04-2017 जब तक तकलीफ सहने की तैयारी नहीं होती तब तक फ़ायदा दिखाई दे ही नहीं सकता। फायदे की इमारत नुकसान की धूप में बनी है। - आचार्य विनोबा भावे
15-04-2017 जब तक जीना, तब तक सीखना – अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। - स्वामी विवेकानन्द
14-04-2017 जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता हैं। - स्वामी विवेकानन्द
13-04-2017 कुल की प्रतिष्ठा भी विनम्रता और सदव्यवहार से होती है, हेकड़ी और रुआब दिखाने से नहीं। - मंशी प्रेमचंद
12-04-2017 किसी मकसद के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह, गिरो तो बीज की तरह ताकि दुबारा उगकर उसी मकसद के लिए जंग कर सको ! - स्वामी विवेकानन्द
11-04-2017 किसी दुश्मन को पूरी तरह बर्बाद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उससे प्रेम करना शुरू कर दो - अब्राहम लिंकन
10-04-2017 किसी चीज से डरो मत तुम अदभुत काम करोगे यह निर्भयता ही है, जो क्षण भर में परम आनंद लाती हैं। - स्वामी विवेकानन्द